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एक दूजे के लिए

शहर की दौड़ती भागती जिंदगी से दूर कहीं छोटे से शहर में सपनों के आगोश में नींद के रथ पर सवार रश्मि अपनी ही दुनिया में खोई हुई हैं, बिना कल का जाने की भविष्य के गर्भ में आखिर क्या लिखा हैं? मन तक को साफ कर देने वाली

मेरे चेहरे पर लटें लहराई

अचानक पढ़ते समय मेरे चेहरे पर लटें लहराई जैसे बिन बादल के बरसात झमाझम आई हवा का साथ पाते ही आकाश को छूने की तमन्ना कभी इधर कमर बलखाती कभी उधर नैन-मटका करती अचानक ठिठोली की आवाज़ गूँजी मेरे कानों पर मौन होकर सुनने लगी उनकी कहीं बातों पर लटों को काफी गुरूर था अपने इठलाने पर केश से लड़ने को आतुर थी

जब तू साथ हो.

उम्र बीत जाए हर पल गुज़र जाए रैना बीती जाए जब तू साथ हो जब भी पल कोई उदास हो खुशियां भी ना साथ हो ना रहे उनका ग़म जब तू साथ हो हाथों की लकीरों में जब तू ना रहे मेरी फूटी तक़दीरों में भी जब तेरा नाम ना हो ना रहे उनका ग़म जब तू साथ हो. तुम रहना साथ मेरे हर पल,

सहारनपुर में भड़कती हिंसा, इंटरनेट सेवा बंद

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में मंगलवार को राजपूत और दलितों के बीच हिंसा के बाद अब भी वहां तनाव की स्थिति बनी हुई है। हिंसा रोकने में नाकामयाब प्रशासन पर योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने एक्‍शन लेते हुए सहारनपुर के एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे और डीएम एनपी सिंह को सस्‍पेंड

कुछ पल ठहर जाओ…!!!

कुछ पल ठहर जाओ नींदों की पहलू में सपना बुन देखूं तुम्हें बंद आंखों की पलकों तले हवाएं मंद-मंद चलेंगी तारों सी सजी रात में फूलों की खुश्बू बिखेरे बातें होंगी इन मुलाकातों में चांद बैठ छत की मुंडेर पर बिखेरेगा चांदनी सुहानी रातों में जुगनू गाएंगे गीत प्यार के ठंडे-मीठे सौगातों में आना प्रिए तुम नींदों वाली ख्वाबों में... (adsbygoogle = window.adsbygoogle || []).push({}); लेखक:

फकीरों में सहजादा दिल है मेरा…!!

कुछ पल को लगता है यूँ तुम करीब हो मेरे फिर दूसरे ही पल तुम जुदा क्यों हो? रहते हो तुम दिल के करीब मेरे पर लगता है ये क्यों... तुम खफा-खफा हो. कभी सपनो में आकर नींदों को उड़ा जाते हो कभी हवाओं को कहते हो मुझे सताए कभी जब आती है याद तेरी आखें

हर कहानी कुछ अलग होती हैं….!!

हर कहानी कुछ अलग होती हैं कोई नई तो कोई पुरानी होती हैं कोई खास तो किसी का अहसास होती हैं दादी की पंचतंत्र रहस्यमय कहानियाँ होती हैं कई शूरवीरों की वीरता गाथा होती हैं कई दो दिलों की मुहब्बत की दास्ताँ होती हैं कोई खुशी से लिपटी हुई होती हैं तो कोई गमों में सिमटी हुई

उसने जाते-जाते अलविदा ना कहा हो लेकिन….!!

कुछ ना पूछ हिमांक के क्या हुआ है किस फ़िराक़ में मेरा दिल रोया है मेरी मासूमियत पर हंसा है ज़माना मुकम्मल प्यार की ख्वाबों में नैन खोया है उसने जाते-जाते अलविदा ना कहा हो लेकिन मेरी चाहत अब उनसे रक़ीबे-ग़मजदा हुआ है वो आकर कुरेद भी जाएं जख़्मे ज़िगर तो फिक्र नहीं मेरा दिल अब तो

निर्भया गैंग रेप के दोषियों की फांसी की सजा सुप्रीम कोर्ट ने बरक़रार रखी

पूरे देश और सिस्टम को झकझोर देने वाले निर्भया गैंगरेप केस में शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए चारों दोषियों की फांसी की सजा को बरकरार रखा. कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए निर्भया कांड को 'सदमे की सुनामी' बताया. कोर्ट का फैसला आते ही कोर्ट रूम

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