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बलिदानदिवस : “एक ऐसा पत्रकार जिसके लिए पत्रकारिता सदैव एक मिशन रहा”

आज 25 मार्च के ही दिन गणेश शंकर विद्यार्थी जैसे महान शख्सियत ने देश की अखण्डता को बनाये रखने के लिए अपना बलिदान दिया था । आज वो हमारे बीच नही हैं पर उनके बताये गए आदर्श व् सिद्धांत जरूर आज भी हमें मजबूती प्रदान करते हैं । गणेश शंकर

यू.पी.में मोदी आंधी का उद्देश…..!!

यू.पी. में मोदी आंधी आने से पहले सारे जाति के लोग अलग-अलग कोई अपने झुण्ड में, तो कोई अपनी पक्ति में खड़ा था जैसे आपस में कोई जातिदुश्मनी हो मानो ; और उनके अपने-अपने मुखियो ने उन्हे नियन्त्रण भी कर रखा था लेकिन तेज आंधी से भगदड़ मच गयी कुछ साफ

पाठा रिपोर्टिंग के दौरान मारकुंडी के जंगल मे मिले हजारों साल पुराने सभ्यता के निशान

मारकुंडी/चित्रकूट पाठा क्षेत्र के बीहड़ इलाकों मे रिपोर्टिंग दौरान मुझे और मेरी टीम को मारकुंडी और टिकरिया के बीच पड़ने वाले बड़पथरी के जंगलों हजारों साल पुरानी सभ्यता के कुछ और निशान मिले जो कि एक बड़ी खोज साबित हो सकती है ! इस स्थान पर जो शैलचित्र मिले वो

लखनऊ में लड़की ने की मनचलो की पिटाई….लड़के बोले सॉरी दीदी माफ़ कर दो

मिली जानकारी के मुताबिक वूमेन पावर लाइन पर कुछ लड़के रोज खड़े होकर गुजर रहीं लड़कियों के साथ छेड़खानी करते थे. आदत के मुताबिक सोमवार को भी इन आरोपियों ने दो लड़कियों पर अश्लील कमेंट किए. लेकिन इन लड़कियों ने इसको नजरंदाज कर दिया तो उन चारों के हौसले बढ़ गए

JIO के ग्राहकों के लिये बड़ी खुशखबरी , TDSAT ने FREE सर्विस पर रोक लगाने से किया इंकार

अगर आप जियो का मुफ्त इंटरनेट प्रयोग कर रहे हैं तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है। दूरसंचार विवाद निपटान एवं अपीलीय न्यायाधिकरण (TDSAT) ने रिलायंस जियो की प्रचार प्रोत्साहन पेशकश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसका मतलब साफ है कि Jio के हैप्पी न्यू

सबसे अच्छा बॉयफ्रेंड बनने की हैं ये पांच ज़रूरतें

1.अतीत ज़रूर शेयर करें - यह सबसे बडी और सामान्य सी गलती है जो अक्सर रिश्तों में अविश्वास पैदा कर देती है। हर किसी का अपना कोई अतीत होता है। अगर आप अपनी एक्स-गर्लफ्रेंड के अब भी टच में है तो अपनी गर्लफ्रेंड से कभी मत छुपाइए। हो सके तो

वो कितना याद मुझे करती होंगी…..!!

जब भी कदम उनके घर की दहलीज पर पड़ती होगी सच कहूं वो याद मुझे करती होंगी जिस दहलीज पर हाथों में हाथ डाल हम प्रवेश किया करते थे आज वहां मेरी सिर्फ यादें होंगी वो कितना याद मुझे करती होंगी... दहलीज से दो कदम आगे जहां सोफा रखा होगा पूछना उनसे के मैं कितना याद आता

सुधार में उधार नही हो सकता लेकिन उधार में सुधार हो सकता है…

उधार, सुधार नाम के दो भाई थे, दोनो जीवन का गुजारा जो उनके पास एक दुकान थी जिन पर वो बारी बारी से बैठा करते थे दुकान पर चाय, तेल, नमक, साबुन, रिचार्ज आदि काम करा, बेचा करते थे। जिस दिन उधार दुकान पर बैठता था उस दिन दुकान ज्यादा चलें

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